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Showing posts from August, 2020

सूकून

 नफरतों का शौक नहीं ना मोहब्बत का जूनून था । कोई लगा था अपना सा और दिल को ये सूकून था ।

साजिश

 साजिशों ने खता की दुश्मनों ने फायदा उठाया है । लाख कोशिशों के बावजूद कोई हमारा कुछ ना उखाड़ पाया है ।

बारिश

 रो पड़ा आसमां भी तड़पकर, जब धरती से मिलन की बात आई । और लोगों ने समझा बारिश आ गई ।