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तेरी खुशबु

 शहर से हवा आई है तेरी खुशबु लेकर..  मगर कमबख्त अब हम मुस्कुराना भूल चुके हैं। 

बदनाम

 बदनाम तो बहुत हैं हम तेरे शहर की गलियों में.. मगर हमें अंधेरों में चमकना आता है।