पाकिस्तान के नाम एक फौजी के जज्बात

रै 65 अर 71 ने भूलगे के जब थमने मुंह की खाई थी..
हम ने LOC पै थारी भूण्डी बनाई थी..
जब हमने थारे हाड गोड्डे तोड़े थे..
थमने छुटन खातर हाथ पांव जोड़े थे..
रै म्हारा तै फेर भी दिल बडा़ था थम छोड़ दिए..
पर थमने तै इंसानियत के सारे कानून तोड़ दिए..
कदे संसद पे, कदे कठुआ, कदे पठानकोट अर कदे उरी..
थमने बार बार ये नीच हरकत करी..
न्यू कह्या करै कुत्ते की पूंछ कदे सीधी नहीं होया करै..
पर मेरी भारत मां पे जो हाथ गेरै वो सारी जिंदगी रोया करै..
उदाहरण थमने देख लिया होगा Surgical strike में..
थारे सारे आका रोये थे आ आके नै माईक पै..
पर फेर भी थारे अक्ल ना आई..
थमने या नीच हरकत पुलवामा में फेर दोहराई..
आच्छा ना लागता एक बाप नै भी के बार बार बेटे पै हाथ ठावै..
पर एक बाप का फर्ज हो है बिगड़ैल बेटे ने सही लाईन पै ल्यावै..
इस बार इसा लाईन पै ल्यावांगें की थम आगे तै कई बार सोचोगे..
जिनकी हवा पै उछलो हो उन ने अपने हाथां तै ठोकोगे..
थारै पाछली एक एक गलती याद आवैगी..
फेर इसी नीच हरकत करण की सोचण खातर नींद भी नहीं आवैगी..
"मनीष" घणी ना कहता इब तै करके दिखावांगें..
महीने भीतर थमने सही लाइन पे ल्यावांगें..

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