तेरी याद
आंखों में नमी दिल में उदासी छाई है..
आज फिर किसी की याद आई है..
आंखें ही आज बहुत कुछ कहना चाहती है..
उसकी आंखों के सामने रहना चाहती हैं..
आज "मनीष" फिर उन बाहों में रहना चाहता है..
अपने दिल की सब बातें उसको कहना चाहता है..
आज फिर उसके हाथों से परांठे खाने का मन कर रहा है..
दिल अपने पास बुलाने की जिद पर अड़ रहा है..
वो गुलाब का फूल फिर उसके हाथों में जाना चाहता है..
खुद को उसके सबसे पास पाना चाहता है..
याद आ रहा है तेरा वो साथ होने पर मुस्कुराना..
वो बिछड़ने के नाम से ही आंखों में पानी आ जाना..
वो RING फिर से उस उंगली को तरस रही है..
गुलाब की पंखुड़ियाँ तुझपे बरस रही है..
एक बार फिर से उन यादों को ताजा करने आ उसी ठिकाने पर..
चला दे आंखों से गोली मुझे रख के निशाने पर..
आज फिर किसी की याद आई है..
आंखें ही आज बहुत कुछ कहना चाहती है..
उसकी आंखों के सामने रहना चाहती हैं..
आज "मनीष" फिर उन बाहों में रहना चाहता है..
अपने दिल की सब बातें उसको कहना चाहता है..
आज फिर उसके हाथों से परांठे खाने का मन कर रहा है..
दिल अपने पास बुलाने की जिद पर अड़ रहा है..
वो गुलाब का फूल फिर उसके हाथों में जाना चाहता है..
खुद को उसके सबसे पास पाना चाहता है..
याद आ रहा है तेरा वो साथ होने पर मुस्कुराना..
वो बिछड़ने के नाम से ही आंखों में पानी आ जाना..
वो RING फिर से उस उंगली को तरस रही है..
गुलाब की पंखुड़ियाँ तुझपे बरस रही है..
एक बार फिर से उन यादों को ताजा करने आ उसी ठिकाने पर..
चला दे आंखों से गोली मुझे रख के निशाने पर..
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