ये कहते हैं जनाब चरखे ने आज़ादी दिलाई थी

24 साल के जवान ने हंसकर फांसी गले लगाई थी..
और ये कहते हैं जनाब चरखे ने आजादी दिलवाई थी..
जलियांवाला कांड को देखा जिसने नन्ही आंखो से..
बचपन से नाता था जिसका जेल की सलाखों से..
मारने को अंग्रेजों को उसने खेत में बंदूक उगाई थी..
और ये कहते हैं जनाब चरखे ने आजादी दिलवाई थी..
कसमों वादों से दूर उसे आजादी से प्यार था..
देश की खातिर मिटने को वो हर लम्हा तैयार था..
देश आजाद कराने की उसने कसमें खाई थी..
और ये कहते हैं जनाब चरखे ने आजादी दिलवाई थी..
ना तो वो कायर था और ना कोई गद्दार था..
भारत मां का पूत लाडला वो भगत सिंह सरदार था..
असेंबली हाल में बम फेंककर एक नई अलख जगाई थी..
और ये कहते हैं जनाब चरखे ने आजादी दिलवाई थी..
लिया बदला मौत का लाला की अंग्रेज अफसर को मारा था..
देश के दुश्मन अंग्रेजों को मौत के घाट उतारा था..
मनीष भी है FAN उसी का जिसने अंग्रेजों की नींद उड़ाई थी.. और ये कहते हैं जनाब चरखे ने आजादी दिलवाई थी.

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