खंजर
एक अरसे बाद दिखा यादों का समन्दर कोई..
आंखो में बसा है अब तक अनजान सा मंजर कोई..
वो कहते हैं भुलाना आसान है उन्हें
कोशिश भी करुं तो सीने पे चुभता है खंजर कोई..
आंखो में बसा है अब तक अनजान सा मंजर कोई..
वो कहते हैं भुलाना आसान है उन्हें
कोशिश भी करुं तो सीने पे चुभता है खंजर कोई..
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