सुधार
कदम सुधार के
कुछ सुधर गया है कुछ और सुधर जाएगा..
मनीष अब तेरे सपनों का राजकुमार बन के दिखाएगा..
वो सब करेगा जो तुने चाहा है..
लेकिन मनीष ने अपना सब कुछ तुझमें ही पाया है..
आगे पढेगा भी आगे बढेगा भी और एक नया मुकाम पाएगा..
गर रहा तेरा साथ हमेशा तो हर मुश्किल से टकरा जाएगा..
तेरे सपनों को भी नई उड़ान दिलवाएगा..
बनाकर डाक्टर तुझे एक नई पहचान दिलवाएगा..
तेरे दुख मेरे होंगे मेरे सुख तेरे..
इसी वचन के साथ लेगा सात फेरे..
तेरी हर बात ऊपर रहेगी..
मान लेगा वही जो जो तु कहेगी..
घर के हर काम में बराबर का हाथ बटाएगा..
पूरी जिंदगी तेरा साथ निभाएगा..
कभी गुस्सा नही करेगा ना तुझपे हाथ उठाएगा..
तुझे रोज अपने हाथों से खाना खिलाएगा..
ना पहुंचने देगा तेरे आत्म-सम्मान को ठेस कभी..
एक आखिरी मौका देकर देख अभी..
तु तो वो हीरा है जिसे ये नासमझ पहचान ना पाया..
बेवजह के घमंड में तुझको गंवाया..
जो ना करे तेरी इज्जत उस से मेरा भी कोई रिश्ता नहीं..
गर होता थोड़ा भी इल्म इस घड़ी का तो आज बेवजह यूं पिसता नहीं..
जब जब जिस रिश्ते की तुझे जरूरत होगी वही बन जाएगा..
बनकर तेरा भाई, बाप, बेटा उनकी मौजूदगी का एहसास कराएगा..
तुझे कभी किसी चीज़ के लिए रोकेगा नहीं..
तु गलत भी होगा तो तुझे कभी टोकेगा नहीं..
तेरे हर सपने को हकीकत बना देगा..
तेरे कदमों में जन्नत बिछा देगा..
ये ना समझना की बड़े बड़े बोल बस लिखकर बता रहा है..
तेरे वापस आते ही इनपे अमल शुरू हो जाएगा, ये भी कसम खा रहा है..
तु दे दे इसको जीने की एक वजह तो ये पार उतर जाएगा..
वापस आ जा लौट के इसके दिल से बहुत बड़ा भार उतर जाएगा..
मनीष अब और ज्यादा ना लिख पाएगा..
तेरे आने की उम्मीद में पलकों को बिछाएगा..
कुछ सुधर गया है कुछ और सुधर जाएगा..
मनीष अब तेरे सपनों का राजकुमार बन के दिखाएगा..
वो सब करेगा जो तुने चाहा है..
लेकिन मनीष ने अपना सब कुछ तुझमें ही पाया है..
आगे पढेगा भी आगे बढेगा भी और एक नया मुकाम पाएगा..
गर रहा तेरा साथ हमेशा तो हर मुश्किल से टकरा जाएगा..
तेरे सपनों को भी नई उड़ान दिलवाएगा..
बनाकर डाक्टर तुझे एक नई पहचान दिलवाएगा..
तेरे दुख मेरे होंगे मेरे सुख तेरे..
इसी वचन के साथ लेगा सात फेरे..
तेरी हर बात ऊपर रहेगी..
मान लेगा वही जो जो तु कहेगी..
घर के हर काम में बराबर का हाथ बटाएगा..
पूरी जिंदगी तेरा साथ निभाएगा..
कभी गुस्सा नही करेगा ना तुझपे हाथ उठाएगा..
तुझे रोज अपने हाथों से खाना खिलाएगा..
ना पहुंचने देगा तेरे आत्म-सम्मान को ठेस कभी..
एक आखिरी मौका देकर देख अभी..
तु तो वो हीरा है जिसे ये नासमझ पहचान ना पाया..
बेवजह के घमंड में तुझको गंवाया..
जो ना करे तेरी इज्जत उस से मेरा भी कोई रिश्ता नहीं..
गर होता थोड़ा भी इल्म इस घड़ी का तो आज बेवजह यूं पिसता नहीं..
जब जब जिस रिश्ते की तुझे जरूरत होगी वही बन जाएगा..
बनकर तेरा भाई, बाप, बेटा उनकी मौजूदगी का एहसास कराएगा..
तुझे कभी किसी चीज़ के लिए रोकेगा नहीं..
तु गलत भी होगा तो तुझे कभी टोकेगा नहीं..
तेरे हर सपने को हकीकत बना देगा..
तेरे कदमों में जन्नत बिछा देगा..
ये ना समझना की बड़े बड़े बोल बस लिखकर बता रहा है..
तेरे वापस आते ही इनपे अमल शुरू हो जाएगा, ये भी कसम खा रहा है..
तु दे दे इसको जीने की एक वजह तो ये पार उतर जाएगा..
वापस आ जा लौट के इसके दिल से बहुत बड़ा भार उतर जाएगा..
मनीष अब और ज्यादा ना लिख पाएगा..
तेरे आने की उम्मीद में पलकों को बिछाएगा..
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